पूर्वाभास पर आपका हार्दिक स्वागत है। 2012 में पूर्वाभास को मिशीगन-अमेरिका स्थित 'द थिंक क्लब' द्वारा 'बुक ऑफ़ द यीअर अवार्ड' प्रदान किया गया। 2014 में मेरे प्रथम नवगीत संग्रह 'टुकड़ा कागज का' को अभिव्यक्ति विश्वम् द्वारा 'नवांकुर पुरस्कार' एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ द्वारा 'हरिवंशराय बच्चन युवा गीतकार सम्मान' प्रदान किया गया। इस हेतु सुधी पाठकों और साथी रचनाकारों का ह्रदय से आभार।

शनिवार, 19 मार्च 2011

होली में - अवनीश सिंह चौहान





होली में...
  
लाल-गुलाबी बजीं तालियाँ
बरसाने की लठ होली में


बजे नगाड़े ढम-ढम-ढम-ढम
चूड़ी खन-खन, पायल छम-छम
सिर-टोपी पर भंजीं लाठियाँ
ठुमके ग्वाले तक-धिन-तक-धिन


ब्रजवासिन की सुनें गालियाँ
ब्रज-रज की मीठी बोली में

मिलें-मिलायें गोरे-काले
मौज उड़ायें देखन वाले
तस्वीरों में जड़ते जायें
मन लहराये-फगुनाये दिन

प्रेम बहा सब तोड़ जालियाँ
दिलवालों की इस टोली में

चटक हुआ रंग फुलवारी का
फसलों की हरियल साड़ी का
पक जाने पर भैया, दाने
घर आयेंगे खेतों से बिन

गदरायीं हैं अभी बालियाँ
बैठी अपनी नव डोली में

* यह रचना ब्लॉग- नवगीत की पाठशाळा एवं वेब पत्रिका अनुभूति (१४ मार्च २०११) में प्रकाशित हुई थी, जिसे यहाँ साभार प्रकाशित किया जा रहा है. 
* चित्र गूगल से साभार 

6 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर रचना ....रंग पर्व की मंगलकामनाएं आपको भी

    उत्तर देंहटाएं
  2. मिलें-मिलायें गोरे-काले
    मौज उड़ायें देखन वाले
    तस्वीरों में जड़ते जायें
    मन लहराये-फगुनाये दिन

    प्रेम बहा सब तोड़ जालियाँ
    दिलवालों की टोली में.......

    फगुनी अनुभूतियों की सुन्दर अभिव्यक्तिमय नवगीत के लिये हार्दिक बधाई...

    होली की हार्दिक शुभकामनाएं !

    उत्तर देंहटाएं
  3. होली का मदमस्त रंग लिए लाजवाब रचना ...
    बहुत बहुत मुबारक हो रंगों का त्योहार ...

    उत्तर देंहटाएं
  4. बजे नगाड़े ढम-ढम-ढम-ढम
    चूड़ी खन-खन, पायल छम-छम
    सिर-टोपी पर भंजीं लाठियाँ
    ठुमके ग्वाले तक-धिन-तक-धिन...

    बहुत दिलचस्प ....

    आपको सपरिवार रंगपर्व होली पर फागुनी शुभकामनायें !

    उत्तर देंहटाएं
  5. होली में चेहरा हुआ, नीला, पीला-लाल।
    श्यामल-गोरे गाल भी, हो गये लालम-लाल।१।

    महके-चहके अंग हैं, उलझे-उलझे बाल।
    होली के त्यौहार पर, बहकी-बहकी चाल।२।

    हुलियारे करतें फिरें, चारों ओर धमाल।
    होली के इस दिवस पर, हो न कोई बबाल।३।

    कीचड़-कालिख छोड़कर, खेलो रंग-गुलाल।
    टेसू से महका हुआ, रंग बसन्ती डाल।४।

    --

    रंगों के पर्व होली की सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

    उत्तर देंहटाएं
  6. भारतीय ब्लॉग लेखक मंच की तरफ से आप, आपके परिवार तथा इष्टमित्रो को होली की हार्दिक शुभकामना. यह मंच आपका स्वागत करता है, आप अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "फालोवर" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में ....
    भारतीय ब्लॉग लेखक मंच

    उत्तर देंहटाएं

आपकी प्रतिक्रियाएँ हमारा संबल: