पूर्वाभास पर आपका हार्दिक स्वागत है। 2012 में पूर्वाभास को मिशीगन-अमेरिका स्थित 'द थिंक क्लब' द्वारा 'बुक ऑफ़ द यीअर अवार्ड' प्रदान किया गया। 2014 में मेरे प्रथम नवगीत संग्रह 'टुकड़ा कागज का' को अभिव्यक्ति विश्वम् द्वारा 'नवांकुर पुरस्कार' एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ द्वारा 'हरिवंशराय बच्चन युवा गीतकार सम्मान' प्रदान किया गया। इस हेतु सुधी पाठकों और साथी रचनाकारों का ह्रदय से आभार।

सोमवार, 21 नवंबर 2011

बोधि प्रकाशन (जयपुर): बोधि पुस्तक पर्व- द्वितीय बंध

माया मृग
बोधि प्रकाशन
एफ-७७, सेक्टर- ९, रोड न. -११
करतारपुरा इंडसट्रिअल एरिया
बाईस गोदाम, जयपुर-३०२००६
दूरभाष- ०१४१-२५०३९८९
ई-मेल- bodhipustakparv@gmail.com


हनुमानगढ़, राजस्थान में जन्मना माया मृग जी न केवल एक अच्छे साहित्यकार हैं, बल्कि वे एक प्रकाशक के रूप में भी काफ़ी चर्चित और लोकप्रिय हैं. उनके प्रकाशन से प्रकाशित पुस्तकों का कलेवर और उसकी सामग्री तो उम्दा रहती ही है, उनके मूल्य भी बहुत कम रहते हैं. आज जब लोगों में पुस्तक पढ़ने की रूचि घट रही है और पुस्तकों की कीमतें बहुत अधिक होने से जन-सामान्य उन्हें चाहते हुए भी खरीद नहीं पा रहा है, ऐसे में उनके प्रकाशन से छपने वाली पुस्तकों को जनता द्वारा पसंद किया जाना लाज़मी है. यह प्रकाशन क्षेत्र की एक बड़ी पहल कही जा सकती है. अभी उनके प्रकाशन से बोधि पुस्तक पर्व पर द्वितीय बंध (दस पुस्तकें) प्रकाशित हुआ है जिसकी कीमत मात्र रु. १००/- है. यानी कि रु. १०/- में पाठक एक साहित्यिक कृति पढ़ सकता है. इस हेतु पूर्वाभास और उसके सुधी रचनाकारों/पाठकों की ओर से माया मृग जी और उनके प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को ढेर सारी शुभकामनाएं एवं बधाईयाँ.

खिरनी की छांह (लम्बी कहानी) - प्रीता भार्गव

एक औरत: तीन बटा चार (कहानी) - सुधा अरोड़ा
कही अनकही (स्त्री-विमर्श) - कमल कुमार
केयर ऑफ़ स्वात घाटी (कहानी) - मनीषा कुलश्रेष्ठ
करतूते मरदां (कहानी) - मन्नू भंडारी
विमर्श और विस्तार (आलोचना) - प्रमिला के पी
पढ़ते, लिखते, रचते (विविध) - ममता कालिया
तनिक ठहरो समुद्र (कविता) - रंजना श्रीवास्तव
पाटी (लेख) - चित्रा मुदगल
सदी के पार (कविता) - पद्मजा शर्मा

Bodhi Prakashan, Jaipur, Raj.

4 टिप्‍पणियां:

  1. आभार... बोधि प्रकाशन और पुस्‍तकों के प्रति आपके स्‍नेह के लिए

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  2. mera b maan krta hai ki mai b ek rachnakar bnu..lekin mai aap jaise kaviyo aur apki rchanao k aas pass b ni hu....aur na ho skkta hu...kyoki usk liye gurujano ka sath hona atiaawashyak hai...fir b aapki rachna me gambhirta hai...jo mujhe dil se chuu gyi hai...dhanyvaad..

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  3. मैंने इस श्रृंखला का तीसरा सैट लिया है।
    सभी काव्य संग्रह है।

    www.pdfbookbox.blogspot.in

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