पूर्वाभास (www.poorvabhas.in) पर आपका हार्दिक स्वागत है। 11 अक्टूबर 2010 को वरद चतुर्थी/ ललित पंचमी की पावन तिथि पर साहित्य, कला एवं संस्कृति की पत्रिका— पूर्वाभास की यात्रा इंटरनेट पर प्रारम्भ हुई थी। 2012 में पूर्वाभास को मिशीगन-अमेरिका स्थित 'द थिंक क्लब' द्वारा 'बुक ऑफ़ द यीअर अवार्ड' प्रदान किया गया। इस हेतु सुधी पाठकों और साथी रचनाकारों का ह्रदय से आभार।

सोमवार, 21 नवंबर 2011

बोधि प्रकाशन : बोधि पुस्तक पर्व (द्वितीय बंध) – अवनीश सिंह चौहान

माया मृग
बोधि प्रकाशन
एफ-७७, सेक्टर- ९, रोड न. -११
करतारपुरा इंडसट्रिअल एरिया
बाईस गोदाम, जयपुर-३०२००६
दूरभाष- ०१४१-२५०३९८९
ई-मेल- bodhipustakparv@gmail.com

हनुमानगढ़, राजस्थान में जन्मे माया मृग जी न केवल एक अच्छे साहित्यकार हैं, बल्कि एक प्रकाशक के रूप में भी काफ़ी चर्चित और लोकप्रिय हैं। उनके प्रकाशन से प्रकाशित पुस्तकों का कलेवर और उसकी सामग्री तो उम्दा रहती ही है, उनके मूल्य भी बहुत कम रहते हैं। आज जब लोगों में पुस्तक पढ़ने की रूचि घट रही है और पुस्तकों की कीमतें बहुत अधिक होने से जन-सामान्य उन्हें चाहते हुए भी खरीद नहीं पा रहा है, ऐसे में उनके प्रकाशन से छपने वाली कम दाम में उपलब्ध पुस्तकों को जनता द्वारा पसंद किया जाना लाज़मी है— यह इस प्रकाशन की एक बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है। अभी उनके प्रकाशन से बोधि पुस्तक पर्व पर द्वितीय बंध (दस पुस्तकें) प्रकाशित हुआ है, जिसकी कीमत मात्र रु. १००/- है, यानी कि रु. १०/- में पाठक एक साहित्यिक कृति पढ़ सकता है। इस हेतु पूर्वाभास और उसके सुधी रचनाकारों/पाठकों की ओर से माया मृग जी और उनके प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को ढेर सारी शुभकामनाएँ एवं बधाईयाँ।

खिरनी की छांह (लम्बी कहानी) - प्रीता भार्गव

एक औरत: तीन बटा चार (कहानी) - सुधा अरोड़ा
कही अनकही (स्त्री-विमर्श) - कमल कुमार
केयर ऑफ़ स्वात घाटी (कहानी) - मनीषा कुलश्रेष्ठ
करतूते मरदां (कहानी) - मन्नू भंडारी
विमर्श और विस्तार (आलोचना) - प्रमिला के पी
पढ़ते, लिखते, रचते (विविध) - ममता कालिया
तनिक ठहरो समुद्र (कविता) - रंजना श्रीवास्तव
पाटी (लेख) - चित्रा मुदगल
सदी के पार (कविता) - पद्मजा शर्मा

Bodhi Prakashan, Jaipur, Raj.

10 टिप्‍पणियां:

  1. आभार... बोधि प्रकाशन और पुस्‍तकों के प्रति आपके स्‍नेह के लिए

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  2. mera b maan krta hai ki mai b ek rachnakar bnu..lekin mai aap jaise kaviyo aur apki rchanao k aas pass b ni hu....aur na ho skkta hu...kyoki usk liye gurujano ka sath hona atiaawashyak hai...fir b aapki rachna me gambhirta hai...jo mujhe dil se chuu gyi hai...dhanyvaad..

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  3. मैंने इस श्रृंखला का तीसरा सैट लिया है।
    सभी काव्य संग्रह है।

    www.pdfbookbox.blogspot.in

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  4. मुझे भी कहानी संग्रह का एक सैट चाहिए। मायामृग जी।इस पते पर#78कमला नेहरू नगर बठिंडा पंजाब 151001

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  5. मैं भी अपने द्वारा लिखित नावेल को प्रकाशित करवाना चाहता हूं
    "कम्मो" (एक वेश्या की बेटी)
    कृपया मार्गदर्शन करें

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  6. हार्दिक शुभकामनाएं मैं अपनी पांडुलिपि भेजना चाहता हूं।

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  7. मैंने शत दोहावली (100 दोहे ) लिखी है, इसे प्रकाशित करवाना है आप मेरी मदद करें।

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