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सोमवार, 7 सितंबर 2026

जन उत्थान न्यास ने डॉ. प्रियंका चौहान को किया सम्मानित


ग्वालियर, 6 सितंबर। जन उत्थान न्यास द्वारा जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में सांदीपनि शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, डीडी नगर, ग्वालियर की संस्कृत की उच्चतर शिक्षिका डॉ. प्रियंका चौहान को उनके शैक्षणिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैष्णवी वाजपेयी एवं वाणी पाठक द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया और शिक्षक सम्मान समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई। समारोह के मुख्य अतिथि जीतू पटवारी ने शिक्षकों की भूमिका पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ संस्कारों और जीवन मूल्यों से जोड़ने का माध्यम भी है। उन्होंने समाज के निर्माण और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में शिक्षकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के आयोजक जन उत्थान न्यास के अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने कहा कि शिक्षक भावी पीढ़ी को शिक्षित और संस्कारित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षकों का सम्मान उनके समर्पण, परिश्रम और समाज के प्रति योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार और कोटा उत्तर के पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने भी शिक्षकों के योगदान की सराहना की।

चर्चित लेखिका एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षिका डॉ. प्रियंका चौहान ने सम्मान प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत भारतीय ज्ञान, साहित्य और सांस्कृतिक परंपरा की समृद्ध भाषा है। संस्कृत के शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को देश की सांस्कृतिक विरासत, जीवन मूल्यों और समृद्ध ज्ञान परंपरा से परिचित कराने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इस सम्मान को अपने शैक्षणिक दायित्वों के प्रति प्रेरणा देने वाला बताया। डॉ. प्रियंका चौहान को मिले सम्मान पर क्षत्रिय महासभा, मिहोना के अध्यक्ष कुँवर सौरभ सिंह राजावत ने बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान शिक्षा के प्रति उनके दायित्वबोध और समर्पण को रेखांकित करता है। कुँवर गौरव सिंह राजावत ने इसे संस्कृत भाषा के सम्मान से भी जोड़कर देखा।

समारोह में विधायक हेमंत कटारे, विधायक साहब सिंह गुर्जर, विधायक महेश परमार, डॉ. देवेंद्र शर्मा, प्रभुदयाल जौहरे तथा पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार ‘नीटू’ सहित अन्य गणमान्यजन मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन मेयर-इन-काउंसिल के प्रभारी सदस्य अवधेश कौरव ने किया। सम्मान समारोह के पश्चात अतिथियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अन्य गणमान्यजनों ने सहभोज में भाग लिया।

प्रस्तुति :
‘वंदे ब्रज वसुंधरा’ की जीवन-दृष्टि को आत्मसात करने वाले डॉ. अवनीश सिंह चौहान (जन्म: 4 जून 1979) हिंदी और अंग्रेजी के द्विभाषी कवि, कथाकार, आलोचक, अनुवादक एवं संपादक हैं। वे ‘पूर्वाभास’ और ‘क्रिएशन एण्ड क्रिटिसिज्म’ के संपादक तथा आभासी दुनिया में हिंदी नवगीत के संस्थापकों में से एक हैं। वर्तमान में वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत ‘नीतिशास्त्र एवं कथाकथन शिक्षण-पद्धति’ के मास्टर ट्रेनर भी हैं।


1 टिप्पणी:

  1. वीरेंद्र आस्तिक17 अक्टूबर 2026 को 6:43 pm बजे

    डाॅ. प्रियंका चौहान के सम्मानित होने पर मैं गर्व का अनुभव कर रहा हूँ। भारत का वैदिक और आर्ष साहित्य संस्कृत में ही है। संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। वस्तुत: सांस्कृतिक धरोहर ही भारत की पहचान है। डाॅ. प्रियंका चौहान के सम्मानित होने पर उन्हें हार्दिक बधाई!

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